Anand Kumar returns post MCTP , resumes charge as CVO-Indian Oil

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Shri Anand Kumar IPS (UP 1988)  presently posted as Chief Vigilance Officer(CVO) Indian Oil Government of India has  returned from Mid-Career Training Programme from USA and  has resumed his charge as CVO.

IndianBureaucracy.com wishes him the best.

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  1. विषय :- इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड ,मार्केटिंग डिवीज़न,बेगूसराय (बिहार) द्वारा किसान सेवा केंद्र स्थान “उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुम्भी से मध्य विद्यालय पतेलिया डेरा के बीच” ब्लाक:- चेरिया बरियारपुर ,जनपद – बेगूसराय (बिहार) के लिए डीलर सिलेक्शन कमिटी द्वारा दिनांक १३I१२I२०१३ को मेरिट सूचि में प्रथम स्थान प्राप्त श्रीमती बिंदु कुमारी पत्नी श्री चितरंजन कुमार के सन्दर्भ में शिकायत पर जाँच में लीपापोती करने के सन्दर्भ में /

    महोदय ,
    उपरोक्त विषय के सन्दर्भ में मेरे द्वारा आपके कार्यालय , माननीय प्रधानमंत्री जी के कार्यालय एवं सम्बंधित कंपनी के उच्चाधिकारियों को शिकायत करने पर सब से मामला बिहार स्टेट कार्यालय ,इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड,पटना को अग्रसारित कर दिया एवं इसपर उनके द्वारा जाँच समिति बना दी गयी जिसमें उनके द्वारा अपने अधिकारीयों को बचाने के लिए पूरे मामले की लीपापोती कर दी गयी है,जिसका विवरण निम्न है —-

    १) मेघा सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभियर्थिनी श्रीमती बिंदु कुमारी को चल अचल संपत्ति में ४ में से चार अंक दिया गया , जबकि इन्होने संपत्ति से सम्बंधित कोई भी अभिलेख नहीं दिया था ,जाँच कमेटी ने इसे भूल माना और दुबारा लेवल एक (एल-१) प्रक्रिया करा दिया ,जबकि नियमनुसार सम्बंधित अधिकारी के विरुध कार्यवाही होनी चाहिए थी/

    २) जिस प्रस्तावित जमीन का मेघा सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभियर्थिनी श्रीमती बिंदु कुमारी द्वारा लीज रेंट एग्रीमेंट दिया गया है ,जाँच कमिटी ने उसके सात हिस्सेदार माने है (सम्बंधित डी सी एल आर की रिपोर्ट पर ) जबकि लीज रेंट एग्रीमेंट मात्र दो सह मालिकों ने किया है नियमनुसार सभी सह मालिकों के सहमति का एफिडेविट लगना चाहिए था एवं मेरे द्वारा उस भूमि के लैंड पजेशन सर्टिफिकेट एवं मालगुजारी की रशीद जो कि श्री राज नारायण यादव के नाम है ,जाँच कमेटी को

    प्रस्तुत किया गया था ,उपरोक्त में डीलर सिलेक्शन गाइडलाइन्स के अनुशार शून्य अंक मिलना चाहिए जबकि उन्हें ३५ अंक दिया गया है , लेकिन अपनों को लाभ पहुँचाने के लिए इसमें भी नियमों की अनदेखी की गयी है /

    ३) मेघा सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभियर्थिनी श्रीमती बिंदु कुमारी द्वारा ०१/०४/२००९ से ३१/०३/२०११ तक इंडियन आयल के किसान सेवा केंद्र मेसर्स जय माँ काली फ्यूल सेंटर ,काझा ,पूर्णिया (बिहार) में प्रबंधक के रूप में कार्य करना दिखाया गया है एवं इसपर उन्हें अनुभव में चार में से चार अंक दिया गया /
    मेरे द्वारा जाँच कमेटी को मेघा सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभियर्थिनी श्रीमती बिंदु कुमारी दवरा सत्र २०१०-११ में पूर्ण कालिक (रेगुलर-फुल टाइम) बैचलर ऑफ़ एजुकेशन पाठ्यक्रम मगध यूनिवर्सिटी , बोध गया के विरायतन बी एड कॉलेज , पावापुरी से सम्बंधित अंक पत्र की छाया प्रति एवं मगध यूनिवर्सिटी , बोध गया से प्राप्त आर टी आई जिसमें इनकी कॉलेज में उपस्तिथि ७५ प्रतिशत बताई गयी है और इन्होने २७ जून २०१० से नवंबर २०११ तक श्रीमती बिंदु कुमारी का पाठ्यक्रम करना बतया गया है /जबकि यहाँ यह भी विदित हो की मेसर्स जय माँ काली फ्यूल सेंटर ,काझा ,पूर्णिया (बिहार) व् विरायतन बी एड कॉलेज , पावापुरी के बीच की दूरी लगभग ३०० किमी है /
    यहाँ भी जाँच कमिटी ने अपनों को बचने व् मामले को लीपापोती करने के लिए यह कहा की
    ” बी एड पाठ्यक्रम / डिग्री से इनके मेघा सूची में कोई अंक नहीं दिया गया है और जो ओवरलैपिंग पीरियड २७ जून २०१० से ३१ मार्च २०११ का है इसके लिए सम्बंधित निजी संस्थान विरायतन बी एड कॉलेज , पावापुरी ने कहा है की इनको १ अप्रैल २०११ से विशेष क्लास करा कर पाठ्क्रम पूरा कराया गया है”
    जबकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परषिद के गजट के अनुशार (संलग्न) कम से कम २०० दिनों की क्लासरूम टीचिंग और न्यूनतम ४० दिनों का प्रैक्टिस टीचिंग करना अनिवार्य है और मगध यूनिवर्सिटी , बोध गया ने अपने आर टी आई जवाब में इनका संस्थान में १ जुलाई २०१० से ७५% उपस्थिति भी बताई है / इससे यह स्पष्ट होता है कि श्रीमती बिंदु कुमारी के द्वारा जमा किया गया अनुभव प्रमाण पत्र फजी है /
    उपरोक्त कोर्स को श्रीमती बिंदु कुमारी द्वारा इंडियन आयल कारपोरेशन की आँखों में धुल झोकने के लिया अपने आवेदन में भी नहीं दर्शया /
    उपरोक्त में डीलर सिलेक्शन गाइडलाइन्स के मेघा सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभियर्थिनी श्रीमती बिंदु कुमारी को काली सूची में डाल कर कार्यवाही करना चाहिए था लेकिन यहाँ भी अपनों को लाभ पहुँचाने के लिए इसमें भी नियमों की अनदेखी की गयी है और दुबारा एल-१ प्रक्रिया करायी गयी / यहाँ यह भी विदित हो की इस प्रकरण में जाँच कमेटी ने सम्बंधित मगध यूनिवर्सिटी से भी संपर्क करने का कोई जिक्र नहीं किया /

    ४) मेघा सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभियर्थिनी श्रीमती बिंदु कुमारी द्वारा प्रस्तुत बिज़नेस टाई अप एफिडेविट में भी बड़े पैमाने पर मॉडिफिकेशन बिना notary पब्लिक के हस्ताछर के किया है ,जो की अमान्य होना चाहिए ,इसको भी जाँच कमेटी ने अनदेखी किया है /

    मेरे द्वारा पूर्वर्ती सरकार में जनहित में उपरोक्त पेट्रोल पंप आवंटन में फर्जीवाड़ा के लिए सारे सबूत (जो मैने विभिन्न सरकारी विभागों से जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त किया था ) के साथ इस प्रकरण को बिहार स्टेट कार्यालय से लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तक उठाया,लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी / अब नई सरकार से हम सब आम जन को ये उम्मीद है कि गलत कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी /

    अतः आप से जनहित में अनुरोध है कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए विजिलेंस जांच अथवा उच्च स्तरीय विभागीय जाँच करा कर सम्बंधित संलिप्त अधिकारीयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें एवं पालिसी सर्कुलर 6069(DSG)-17/10 DATED 29/04/2010 के अनुशार श्रीमती बिंदु कुमारी को काली सूची में डाल कर विधिक कार्यवाही करें एवं विजिलेंस जाँच होने तक एल ओ आई जारी न करने का निर्देश सम्बंधित कंपनी को दे / यदि आपके स्तर पर न्याय नहीं हुआ तो मैं उपरोक्त प्रकरण को जनहित में मा. न्यायालय में ले जाने पर मजबूर हूँगा /

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